ऑस्ट्रेलिया से जारी टेस्ट सिरीज़ में आगामी मैचों के लिए भारत ने हार्दिक पंड्या और मयंक अग्रवाल को टीम में शामिल किया है, लेकिन ज़्यादा चर्चा ऑस्ट्रेलियाई टीम के एक नए सदस्य की हो रही है.
26 दिसंबर से शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट मैच के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 15 सदस्यीय टीम में एक लेग स्पिनर को शामिल किया है, जिनकी उम्र महज़ सात साल है.
आर्ची तीसरे टेस्ट मैच में टीम के उपकप्तान होंगे. ऑस्ट्रेलियाई कप्तान टिम पेन ने शनिवार को आर्ची के सातवें जन्मदिन पर यह ऐलान किया. आर्ची शिलर ने सिरीज़ के पहले, एडीलेड टेस्ट के दौरान ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के साथ अभ्यास भी किया था.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने इस ख़बर की पुष्टि की है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, आर्ची को टेस्ट टीम में शामिल किए जाने की ख़बर पहले ही इस महीने सार्वजनिक कर दी गई थी. उन्हें सबसे पहले कोच जस्टिन लेंगर ने फोन करके यह ख़बर दी थी. उस वक़्त ऑस्ट्रेलियाई टीम संयुक्त अरब अमीरात में पाकिस्तान के ख़िलाफ़ सिरीज़ खेल रही थी.
बहादुर आर्ची ने झेला है बहुत कुछ
आर्ची को टीम में शामिल किया जाना दरअसल 'मेक अ विश ऑस्ट्रेलिया' अभियान की वजह से संभव हुआ है. इसके तहत मुश्किल हालात का सामना कर रहे बच्चों की इच्छाएं पूरी करने की कोशिश की जाती है.
आर्ची अपने छोटे से जीवन में ही ढेरों मुश्किलों का सामना कर चुके हैं. तीन महीने की उम्र में ही उन्हें दिल की एक बीमारी का पता लगा था. उन्हें दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के न्यूरिऊट्पा से मेलबर्न लाया गया जहां उनकी सर्जरी की गई. यह सर्जरी सात घंटे से ज़्यादा समय तक चली.
छह महीने बाद आर्ची के दिल में फिर से वॉल्व और धड़कन से जुड़ी समस्या सामने आई. उन्हें एक बार फिर इलाज से गुज़रना पड़ा. पिछले दिसंबर में उनकी समस्या फिर उभर आई और तीसरी बार उनकी ओपन-हार्ट सर्जरी हुई. परिवार को डर लगा कि इस बार कहीं उन्हें अपने बेटे के बिना न लौटना पड़े.
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की वेबसाइट के मुताबिक, आर्ची की मां सारा कहती हैं, "हमें बताया गया था कि कुछ भी हो सकता है."
सारा के मुताबिक, "आर्ची अपने स्कूल को बहुत मिस करता है. अगर आपने बैटिंग का या गोल अंपायर बनने का मौक़ा गंवाया तो दूसरा मौक़ा नहीं मिलता. एक दिन वो घर आया और बोला कि मैं अपने दोस्तों को नहीं खोज सका और मुझमें उनके पीछे दौड़ने की ऊर्जा नहीं थी तो मैं वहीं बैठ गया और किताब पढ़ने लगा."
Sunday, December 23, 2018
Wednesday, December 12, 2018
华为孟晚舟以1000万加元保释金获释,但中美加庭外角力继续
加拿大法庭宣布,华为高管孟晚舟获准以1000万加元(约750万美元)保释,其中700万加元(约520万美元)需为现金。
法庭要求孟晚舟遵守多个条件,包括居住在她位于温哥华的住所、付费雇佣安保公司狮门来监控她的动向、不能离开狮门划定的温哥华、列治文(Richmond)、北岸(North Shore)区域、上交所有护照、保持通讯畅通、佩戴电子定位脚镯、在指定时间出庭等。
据加拿大媒体《温哥华星报》报导,孟晚舟听到法官裁定后,伸手擦了擦脸上的眼泪,破涕为笑,并向旁听席上的丈夫刘晓棕点头致意,刘则显得松了一口气。
美国政府必须在2019年1月8日前提出正式引渡请求。而孟晚舟必须在2019年2月6日再次出庭,届时加拿大法庭将安排引渡聆讯的时间。
引渡聆讯有别于保释聆讯,并不考虑嫌疑人弃保可能性,而主要分析案情、证据充分程度等因素,考虑是否有引渡至外国的必要。如果法院认定需要引渡,将由加拿大司法部长决定是否批准引渡。
在此前的聆讯中,孟晚舟的丈夫刘晓棕表示愿意担任孟的保释担保人,但由于他并非温哥华居民,他的加拿大签证将在2019年3月过期,是否符合担保人身份惹争议。孟的律师马丁(David Martin)在第三日聆讯中表示,除了孟晚舟的丈夫外,还有四名常居温哥华的居民愿意担任孟的担保人,其中包括协助刘孟夫妇在温哥华置产的房地产中介、两名华为前员工、一位华为前员工的妻子、孟的邻居等。
华为在周三早上的一个声明称,CFO孟晚舟女士近期在被加拿大当局代表美国政府暂时扣留之后,今天法庭做出判决,同意保释。我们相信加拿大和美国的法律体系后续会给出公正的结论。正如我们一直强调的,华为遵守业务所在国的所有适用法律法规,包括联合国、美国和欧盟适用的出口管制和制裁法律法规。我们期待美国和加拿大政府能及时、公正的结束这一事件。
法庭要求孟晚舟遵守多个条件,包括居住在她位于温哥华的住所、付费雇佣安保公司狮门来监控她的动向、不能离开狮门划定的温哥华、列治文(Richmond)、北岸(North Shore)区域、上交所有护照、保持通讯畅通、佩戴电子定位脚镯、在指定时间出庭等。
据加拿大媒体《温哥华星报》报导,孟晚舟听到法官裁定后,伸手擦了擦脸上的眼泪,破涕为笑,并向旁听席上的丈夫刘晓棕点头致意,刘则显得松了一口气。
美国政府必须在2019年1月8日前提出正式引渡请求。而孟晚舟必须在2019年2月6日再次出庭,届时加拿大法庭将安排引渡聆讯的时间。
引渡聆讯有别于保释聆讯,并不考虑嫌疑人弃保可能性,而主要分析案情、证据充分程度等因素,考虑是否有引渡至外国的必要。如果法院认定需要引渡,将由加拿大司法部长决定是否批准引渡。
在此前的聆讯中,孟晚舟的丈夫刘晓棕表示愿意担任孟的保释担保人,但由于他并非温哥华居民,他的加拿大签证将在2019年3月过期,是否符合担保人身份惹争议。孟的律师马丁(David Martin)在第三日聆讯中表示,除了孟晚舟的丈夫外,还有四名常居温哥华的居民愿意担任孟的担保人,其中包括协助刘孟夫妇在温哥华置产的房地产中介、两名华为前员工、一位华为前员工的妻子、孟的邻居等。
华为在周三早上的一个声明称,CFO孟晚舟女士近期在被加拿大当局代表美国政府暂时扣留之后,今天法庭做出判决,同意保释。我们相信加拿大和美国的法律体系后续会给出公正的结论。正如我们一直强调的,华为遵守业务所在国的所有适用法律法规,包括联合国、美国和欧盟适用的出口管制和制裁法律法规。我们期待美国和加拿大政府能及时、公正的结束这一事件。
Sunday, December 9, 2018
क्या मोदी सरकार के लिए उल्टा पड़ सकता है वाड्रा मामला
अगर टाइमिंग कोई चीज़ होती है तो यह कहने में हर्ज़ नहीं है कि नरेंद्र मोदी सरकार को उसका कोई अंदाज़ा नहीं है.
कहने को या दिखाने को मोदी अपने समर्थकों से कहते हैं कि हर मौक़े को सही से इस्तेमाल करना चाहिए मगर रॉबर्ट वाड्रा मामले में उनकी सरकार की ओर से जो क़दम उठाए गए हैं वे ख़राब टाइमिंग के प्रमाण हैं.
अगर इसमें वाड्रा के खिलाफ़ उठे सारे या अधिकांश मामले सभी हों, तब भी वह ख़ुद को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताकर सहानुभूति बटोर लेंगे.
अगर बातें एक सीमा से ज़्यादा बढ़ीं तो जिस नेहरू-गांधी परिवार से जुड़े होने के कारण ये मामले ज़्यादा संवेदनशील हुए हैं, उस नेहरू गांधी को तो राजनीतिक लाभ मिलेगा ही, वाड्रा को भी फ़ायदा पहुंचेगा.
अगर इस तरह का दूसरा उदाहरण देना हो तो लालू प्रसाद यादव का उदाहरण काफ़ी बढ़िया है जो सीधे-सीधे चारा कांड में दोषी होने के बावजूद राजनीतिक सहानुभूति पा रहे हैं.
ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके परिवार के ख़िलाफ़ मामलों को सरकार ने वैसे ही हैंडल किया जिस तरह से आज वाड्रा के मामले को हैंडल किया जा रहा है.
लालू अकेले नेता हैं जिन्होंने एक ओर नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर अदालती फैसले को राजनीतिक रंग में रंगकर ख़ुद को शहीद बताने का भी दांव चला है. उनका यह दांव कई कारणों से क़ामयाब होता भी नज़र आ रहा है.
देर क्यों हो गई?
प्रियंका गांधी के पति यानी सोनिया गांधी के दामाद यानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा पर पहली बार आरोप नहीं लगे हैं.
ख़ुद नरेंद्र मोदी 2014 की चुनावी सभाओं में वाड्रा और उनके बहाने नेहरू-गांधी परिवार के कथित 'भ्रष्टाचार' को बड़ा मुद्दा बना चुके हैं.
अभी ज़मीन के जिस मुख्य घोटाले की चर्चा है, वह नामी वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से अरविंद केजरीवाल कब का उठा चुके थे. ख़ुद वाड्रा महाराज की जीवन शैली, कमाई का रिकॉर्ड और कामकाज की शैली शक़ को न्यौता देती रही है.
ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार को या उससे पहले की मनमोहन सरकार को ही कार्रवाई करनी थी तो वक़्त की कोई कमी नहीं थी. मनमोहन सरकार पर तो दामाद बाबू को बचाने का आरोप लगाया जा सकता है और मोदीजी लगाते भी रहे हैं. लेकिन इस सरकार को तो उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए था.
चुनाव के दौरान उनका देश की जनता से सबसे बड़ा वादा भ्रष्टाचार की समाप्ति और काला धन निकालना ही था. और वाड्रा को पकड़ने का मतलब सीधे-सीधे अपने सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी परिवार को राजनीतिक पटखनी देना होता.
सरकार वैसे भी भ्रष्टाचार और काला धन जैसे अपने दो प्रिय विषयों पर शोर मचाती रही है. इस क्रम में नोटबंदी से लेकर क्या-क्या किया गया, क्या क्या दावा किया गया, इन सबको गिनाने का कोई लाभ नहीं है.
पर यह नतीजा निकालने में हर्ज नहीं है कि सरकार नौ दिन चली, अढ़ाई कोस. लेकिन अब कार्यकाल के अंतिम समय में आप अगर अचानक रॉबर्ट वाड्रा पर ज़मीन खरीद, लैंड-यूज़ बदलने, वापस ज़मीन बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमाने, कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से नाजायज़ फ़ैसले कराने और अब रक्षा सौदे में दलाली खाने जैसे मामले खोलकर सचमुच भी सही काम करने लगेंगे तो लोग उसे चुनाव से जोड़कर ही देखेंगे.
और ये राजनीतिक चालाकी सिर्फ लालू जी या मोदी जी तक सीमित नहीं है. केस, छापेमारी और अपने सहयोगियों से पूछताछ को लेकर सफ़ाई देने की जगह रॉबर्ट वाड्रा भी सबसे पहले यही कहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है.
और जिस कांग्रेस को दामाद जी के 'व्यवसाय' के मामलों से दूर रहना चाहिए, वह खुलकर मोदी सरकार के क़दम की आलोचना कर रही है. कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं को भी वाड्रा का बचाव करने में कोई झिझक नहीं हो रही है.
कहने को या दिखाने को मोदी अपने समर्थकों से कहते हैं कि हर मौक़े को सही से इस्तेमाल करना चाहिए मगर रॉबर्ट वाड्रा मामले में उनकी सरकार की ओर से जो क़दम उठाए गए हैं वे ख़राब टाइमिंग के प्रमाण हैं.
अगर इसमें वाड्रा के खिलाफ़ उठे सारे या अधिकांश मामले सभी हों, तब भी वह ख़ुद को राजनीतिक प्रतिशोध का शिकार बताकर सहानुभूति बटोर लेंगे.
अगर बातें एक सीमा से ज़्यादा बढ़ीं तो जिस नेहरू-गांधी परिवार से जुड़े होने के कारण ये मामले ज़्यादा संवेदनशील हुए हैं, उस नेहरू गांधी को तो राजनीतिक लाभ मिलेगा ही, वाड्रा को भी फ़ायदा पहुंचेगा.
अगर इस तरह का दूसरा उदाहरण देना हो तो लालू प्रसाद यादव का उदाहरण काफ़ी बढ़िया है जो सीधे-सीधे चारा कांड में दोषी होने के बावजूद राजनीतिक सहानुभूति पा रहे हैं.
ऐसा इसलिए है क्योंकि उनके परिवार के ख़िलाफ़ मामलों को सरकार ने वैसे ही हैंडल किया जिस तरह से आज वाड्रा के मामले को हैंडल किया जा रहा है.
लालू अकेले नेता हैं जिन्होंने एक ओर नरेंद्र मोदी को खुली चुनौती दी है, वहीं दूसरी ओर अदालती फैसले को राजनीतिक रंग में रंगकर ख़ुद को शहीद बताने का भी दांव चला है. उनका यह दांव कई कारणों से क़ामयाब होता भी नज़र आ रहा है.
देर क्यों हो गई?
प्रियंका गांधी के पति यानी सोनिया गांधी के दामाद यानी कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा पर पहली बार आरोप नहीं लगे हैं.
ख़ुद नरेंद्र मोदी 2014 की चुनावी सभाओं में वाड्रा और उनके बहाने नेहरू-गांधी परिवार के कथित 'भ्रष्टाचार' को बड़ा मुद्दा बना चुके हैं.
अभी ज़मीन के जिस मुख्य घोटाले की चर्चा है, वह नामी वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से अरविंद केजरीवाल कब का उठा चुके थे. ख़ुद वाड्रा महाराज की जीवन शैली, कमाई का रिकॉर्ड और कामकाज की शैली शक़ को न्यौता देती रही है.
ऐसे में नरेंद्र मोदी सरकार को या उससे पहले की मनमोहन सरकार को ही कार्रवाई करनी थी तो वक़्त की कोई कमी नहीं थी. मनमोहन सरकार पर तो दामाद बाबू को बचाने का आरोप लगाया जा सकता है और मोदीजी लगाते भी रहे हैं. लेकिन इस सरकार को तो उनके ख़िलाफ़ चल रहे मामलों पर प्राथमिकता के आधार पर काम करना चाहिए था.
चुनाव के दौरान उनका देश की जनता से सबसे बड़ा वादा भ्रष्टाचार की समाप्ति और काला धन निकालना ही था. और वाड्रा को पकड़ने का मतलब सीधे-सीधे अपने सबसे बड़े राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी परिवार को राजनीतिक पटखनी देना होता.
सरकार वैसे भी भ्रष्टाचार और काला धन जैसे अपने दो प्रिय विषयों पर शोर मचाती रही है. इस क्रम में नोटबंदी से लेकर क्या-क्या किया गया, क्या क्या दावा किया गया, इन सबको गिनाने का कोई लाभ नहीं है.
पर यह नतीजा निकालने में हर्ज नहीं है कि सरकार नौ दिन चली, अढ़ाई कोस. लेकिन अब कार्यकाल के अंतिम समय में आप अगर अचानक रॉबर्ट वाड्रा पर ज़मीन खरीद, लैंड-यूज़ बदलने, वापस ज़मीन बेचकर मोटा मुनाफ़ा कमाने, कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों से नाजायज़ फ़ैसले कराने और अब रक्षा सौदे में दलाली खाने जैसे मामले खोलकर सचमुच भी सही काम करने लगेंगे तो लोग उसे चुनाव से जोड़कर ही देखेंगे.
और ये राजनीतिक चालाकी सिर्फ लालू जी या मोदी जी तक सीमित नहीं है. केस, छापेमारी और अपने सहयोगियों से पूछताछ को लेकर सफ़ाई देने की जगह रॉबर्ट वाड्रा भी सबसे पहले यही कहते हैं कि उनके ख़िलाफ़ राजनीतिक बदले की भावना से कार्रवाई की जा रही है.
और जिस कांग्रेस को दामाद जी के 'व्यवसाय' के मामलों से दूर रहना चाहिए, वह खुलकर मोदी सरकार के क़दम की आलोचना कर रही है. कांग्रेस के आधिकारिक प्रवक्ताओं को भी वाड्रा का बचाव करने में कोई झिझक नहीं हो रही है.
Thursday, November 8, 2018
救援抢险通道已掘进7.5公里
川藏交界金沙江“11.03”山体滑坡堰塞湖:救援抢险通道已掘进7.5公里
中新网成都11月8日电 (记者 刘忠俊)记者8日从四川甘孜州政府新闻办获悉,经过20个小时连夜通宵奋战,第1台挖掘机已顺利到达金沙江堰塞湖
下游3公里处江心河床上,总共掘进7.5公里,正全力向堰塞湖坝体冲刺。
据前方现场处置组反馈,截至11月8日8时,堰塞湖坝前水位2937.11米,累计上涨44.27米,平均每小时上涨0.22米,入库水流量保持稳定,堰塞湖
蓄水量约3.24亿立方米,水面距堰塞体最低处高差约29.2米。
据了解,应急管理部已牵头组织两省区有关方面视频调度和专家会商11次,四川省工作组与州、县会商也达10余次。期间,国家、省专家组和州、县有关
人员多次前往堰塞体现场踏勘,现场研判,会商处置方案。经国省专家慎重研判、商讨,已初步确定排险方案,待报两省区和应急管理部同意后,甘孜州将
组织好有关力量,全力做好堰塞湖排险工作。
金沙江“11·03”山体滑坡堰塞湖位于西藏自治区江达县波罗乡,东岸为白玉县绒盖乡生公村和则巴村。为及时开展抢险救援,金沙江“11·03”山体滑
坡堰塞湖灾害应急抢险指挥部紧急调集10台挖掘机、4台装载机,采取边行进、边开路的方法,全力以赴赶往江滩,余下机具也正积极调运。其中有6台挖
掘机、2台装载机已到达则巴村。此外,森林消防局甘孜森林消防支队所属雅江、道孚、乡城、康定242名抢险人员,已携带铁锹、铁镐、救生衣、救生绳、攀
登绳、抛投器等救援器材,紧急赶赴白玉县遂行道路抢通及抢险救援任务。
8日上午10时25分,经过20个小时连夜通宵奋战,第1台挖掘机已顺利到达金沙江堰塞湖下游3公里处江心河床上,总共掘进了7.5公里,正全力向堰塞湖
坝体冲刺。
据悉,甘孜州通过投亲靠友、分散安置等方式,已累计疏散转移受威胁群众10080人(白玉县2548人,巴塘县2320人,得荣县1086人,德格县116人,
沿江施工企业4010人),疏散转移群众均已得到妥善安置,情绪稳定、生活有序。
中新网成都11月8日电 (记者 刘忠俊)记者8日从四川甘孜州政府新闻办获悉,经过20个小时连夜通宵奋战,第1台挖掘机已顺利到达金沙江堰塞湖
下游3公里处江心河床上,总共掘进7.5公里,正全力向堰塞湖坝体冲刺。
据前方现场处置组反馈,截至11月8日8时,堰塞湖坝前水位2937.11米,累计上涨44.27米,平均每小时上涨0.22米,入库水流量保持稳定,堰塞湖
蓄水量约3.24亿立方米,水面距堰塞体最低处高差约29.2米。
据了解,应急管理部已牵头组织两省区有关方面视频调度和专家会商11次,四川省工作组与州、县会商也达10余次。期间,国家、省专家组和州、县有关
人员多次前往堰塞体现场踏勘,现场研判,会商处置方案。经国省专家慎重研判、商讨,已初步确定排险方案,待报两省区和应急管理部同意后,甘孜州将
组织好有关力量,全力做好堰塞湖排险工作。
金沙江“11·03”山体滑坡堰塞湖位于西藏自治区江达县波罗乡,东岸为白玉县绒盖乡生公村和则巴村。为及时开展抢险救援,金沙江“11·03”山体滑
坡堰塞湖灾害应急抢险指挥部紧急调集10台挖掘机、4台装载机,采取边行进、边开路的方法,全力以赴赶往江滩,余下机具也正积极调运。其中有6台挖
掘机、2台装载机已到达则巴村。此外,森林消防局甘孜森林消防支队所属雅江、道孚、乡城、康定242名抢险人员,已携带铁锹、铁镐、救生衣、救生绳、攀
登绳、抛投器等救援器材,紧急赶赴白玉县遂行道路抢通及抢险救援任务。
8日上午10时25分,经过20个小时连夜通宵奋战,第1台挖掘机已顺利到达金沙江堰塞湖下游3公里处江心河床上,总共掘进了7.5公里,正全力向堰塞湖
坝体冲刺。
据悉,甘孜州通过投亲靠友、分散安置等方式,已累计疏散转移受威胁群众10080人(白玉县2548人,巴塘县2320人,得荣县1086人,德格县116人,
沿江施工企业4010人),疏散转移群众均已得到妥善安置,情绪稳定、生活有序。
Thursday, November 1, 2018
नीतीश बोले- आरक्षण के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दलित और आदिवासियों को विश्वास दिलाया कि आरक्षण को कोई ताकत खत्म नहीं कर सकती है. इसके लिए वो हर कुर्बानी देने को तैयार हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के लिए आरक्षण के प्रावधानों को समाप्त करने की किसी में ताकत नहीं है. आरक्षण के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं.
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गया में पार्टी के मगध प्रमंडलीय दलित-महादलित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि हमारी प्रतिबद्धता न्याय के साथ विकास के प्रति है. न्याय के साथ विकास का मतलब समाज के हर तबके और हर इलाके का विकास है.
नीतीश ने कहा कि इस देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के प्रावधानों को समाप्त करने की किसी में ताकत नहीं है. इसके लिए हम हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी आरक्षण के लिए कुछ नहीं किया, वे ऐसी बातें कर रहे हैं.
नीतीश ने कहा कि लोग बिना काम किए और बिना सिद्धांत के प्रति निष्ठा रखे राजनीति में आ जाते हैं और ताकत मिलने पर उसका दुरुपयोग करते हैं.
उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज में भ्रम और टकराव पैदा करना चाहते हैं. बाबा साहेब ने संविधान की रचना की, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि आरक्षण नहीं मिलेगा तो हाशिए पर रह रहे लोग मुख्य धारा में कैसे आएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान एवं मोक्ष की भूमि है. जब जय भीम कहते हैं तो यह समझ लें कि बौद्ध धर्म का संदेश अहिंसा, शांति एवं सहिष्णुता का है. जब तक आपका विकास नहीं होगा. समाज, राज्य एवं देश का विकास नहीं हो सकता है.
शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर ने एक नवंबर को अपना 23वां जन्मदिन मनाया. ईशान ने माजिद मजीदी की फिल्म बियोंड द क्लाउड्स से डेब्यू किया था. इसके बाद वे जाह्नवी कपूर के साथ फिल्म धड़क में नजर आए. इसमें उनकी अदाकारी को काफी सराहा गया.
ईशान की बर्थडे पार्टी में जाह्नवी खूबसूरत स्किन कलर के गाउन में नजर आईं. जाह्नवी की ईशान से गहरी दोस्ती हो गई है.
शाहिद कपूर भी इस पार्टी में पहुंचे. शाहिद पिछली बार फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू में नजर आए थे. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई
शाहिद पत्नी मीरा राजपूत के साथ पहुंचे थे. दोनों पिछले दिनों एक बेटे के पेरेंट्स बने हैं. शाहिद ने बेटे का नाम जैन रखा है.
ईशान अपनी मां नीलिमा अजीम के बेहद करीब हैं. ईशान नीलिमा के पूर्व पति राजेश खट्टर से हैं.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) के लिए आरक्षण के प्रावधानों को समाप्त करने की किसी में ताकत नहीं है. आरक्षण के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार हूं.
जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने गया में पार्टी के मगध प्रमंडलीय दलित-महादलित कार्यकर्ता सम्मेलन में कहा कि हमारी प्रतिबद्धता न्याय के साथ विकास के प्रति है. न्याय के साथ विकास का मतलब समाज के हर तबके और हर इलाके का विकास है.
नीतीश ने कहा कि इस देश में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण के प्रावधानों को समाप्त करने की किसी में ताकत नहीं है. इसके लिए हम हर कुर्बानी देने के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा कि जिन्होंने कभी आरक्षण के लिए कुछ नहीं किया, वे ऐसी बातें कर रहे हैं.
नीतीश ने कहा कि लोग बिना काम किए और बिना सिद्धांत के प्रति निष्ठा रखे राजनीति में आ जाते हैं और ताकत मिलने पर उसका दुरुपयोग करते हैं.
उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज में भ्रम और टकराव पैदा करना चाहते हैं. बाबा साहेब ने संविधान की रचना की, जिसे संविधान सभा ने स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि आरक्षण नहीं मिलेगा तो हाशिए पर रह रहे लोग मुख्य धारा में कैसे आएंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार ज्ञान एवं मोक्ष की भूमि है. जब जय भीम कहते हैं तो यह समझ लें कि बौद्ध धर्म का संदेश अहिंसा, शांति एवं सहिष्णुता का है. जब तक आपका विकास नहीं होगा. समाज, राज्य एवं देश का विकास नहीं हो सकता है.
शाहिद कपूर के छोटे भाई ईशान खट्टर ने एक नवंबर को अपना 23वां जन्मदिन मनाया. ईशान ने माजिद मजीदी की फिल्म बियोंड द क्लाउड्स से डेब्यू किया था. इसके बाद वे जाह्नवी कपूर के साथ फिल्म धड़क में नजर आए. इसमें उनकी अदाकारी को काफी सराहा गया.
ईशान की बर्थडे पार्टी में जाह्नवी खूबसूरत स्किन कलर के गाउन में नजर आईं. जाह्नवी की ईशान से गहरी दोस्ती हो गई है.
शाहिद कपूर भी इस पार्टी में पहुंचे. शाहिद पिछली बार फिल्म बत्ती गुल मीटर चालू में नजर आए थे. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर खास प्रदर्शन नहीं कर पाई
शाहिद पत्नी मीरा राजपूत के साथ पहुंचे थे. दोनों पिछले दिनों एक बेटे के पेरेंट्स बने हैं. शाहिद ने बेटे का नाम जैन रखा है.
ईशान अपनी मां नीलिमा अजीम के बेहद करीब हैं. ईशान नीलिमा के पूर्व पति राजेश खट्टर से हैं.
Subscribe to:
Posts (Atom)